Thursday, 29 January 2015

समय

कहते हैं समय समय की बात है,
समय निकालता जायेगा तो बात भी निकल जाएगी,
पर मेरा समय तो वहीँ पे ठहरा है,
जब तुमने अपनी ख़ुश्क आँखोंसे मुझसे कहा था,
समय यहीँ पे रुकना चाहिए , हम दोनों के बीच,
आगे जायेगा तो हमारे सपनों को खो देगा

तब से वहीँ पे खड़ा हुँ,
हमारे सपनों को संभाले , उसी समय में
जब तुम आओगी ना , तो देख लेना

न जाने इतनी देर क्युँ लगायी है तुमने,
क्या तुमने भी समय को पकड़ रखा है?

जबतक ये समय आगे नहीं जायेगा ,
तबतक तुम  नहीं आयोगी
पर इसे कैसे जाने दूँ ?, तुम्ही ने कहा था,
समय आगे जायेगा, तो हमारे सपनों को खो देगा 

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